असिंधो: सिन्धु परयन्ता
यस्य भरता भूमिकाः
पितृ : पुण्य मुस्चैव सवै
हिन्दुरिस्म्रुतः
जिस पितृ भूमि के पूर्व -पश्चिम-और दक्षिण समंदर से घेरे हो,और उत्तर जहाँ से पुन्य नदी सिन्धु बहकर, सिंध यानि कराची तक जाकर गिरती हो उस वन्तनीय भूमि को 'भारत' और इसको अपनी पितृ भूमि मानकर चलनेवाला उस धरती पुत्र को 'हिन्दू' कहते हैं....!"
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