DISCOVERY OF HINDUSTAN

“भगवान शंकर का माहात्म्य ……!”

” इन्त ते कीरतयिश्यामी नमस्कृत्य कपर्दिने
यदवाप्तम मया राजन्ज्छ्रेयो याच्चार्जितम यश:
प्रयत: प्रातरुधाय यदधीये विशम्पते
प्रांजलि शतरुद्रियम तन्मे निगत: शृणु
प्रजापतिरस्तत ससृजे तपसोअते महातपा:
शंकरस्त्वसृजत तट प्रजा: स्थावरजंगमा:
नास्ति किंचित्परम भूतं महादेवत विशामपते
इह त्रिषवापि लोकेषु भूतानाम प्रभवो हि स:I
न चैवात्सहते स्थातुम कश्चिदग्रे महात्मन: II
न हि भूतं समं तेन त्रिषु लोकेषु विद्यतेI
गंधेनापि हि संग्रामे तस्य कृध्स्य शत्रव: II
विसंज्ञा हतभूयिष्ठा वेपन्ते च पतन्ति च I
घोरं च निनदम तस्य पर्जन्यानिनदोपमम II
श्रूत्वा विशीरयेधदयम देवानामपि संयुगे I
थाहूच घोरेण रूपेण पश्येत क्रुद्ध: पिनाक धृत II
न सूरा नासुरा लोके न गन्धर्वो न पन्नगा:I
कुपिते सुखमेधन्ते तस्मिन्नपि गुहागता: II “
**********************************************
महभारत - अनुशासन . दान . १६० /३-१०
***************************************

“में जटाजूटधारी भगवान शंकर को नमस्कार करके प्रसन्नता पोर्र्वक यह कह रह हुम , की मैंने कौन-सा श्रेय प्राप्त किया और किस यश का उपार्जित किया प्रजानाथ …I, में प्रति दिन प्रातकाल उठकर मन और इन्द्रियों को संयम रखते हुए हाथ जोड़कर जिस शतरुद्रीय की जप एवं पाठ करता हूँ उसे बता रहा हूँ सुनो …..I. महातपस्वी प्रजापति ने तपस्या के अंत में उस शत्रुद्रीय की रचना की और शंकरजी ने समस्त चरचारों की सृष्टि की ….I. परजनाथ , तीनों लोकों में महादेवजी से बढ़कर दूसर कोई श्रेष्ठ देवता नहीं; क्योंकि वे समस्त प्राणियों की उत्पत्ति के कारण हैं …..I. उन महात्मा शंकर के सामने कोई भी खड़ा होने का सहस नहीं कर सकता ……I. तीनों लोकों में कोई भी प्राणी उनकी समता करनेवाला नहीं हैं…..I. संग्राम में जब वे कुपित होते हैं , उस समय उनकी गंध से भी सारे शत्रु अचेत और मृतप्राय हो कर थर-थर काँपने एवं गिरने लगते हैं….I. संग्राम में मेघगर्जना के सामान गंभीर उनका घोर सिंहनाद सुनकर देवताओंका भी ह्रदय विदीर्ण हो सकता हैं…..I. पिनाकधारी रूद्र कुपित होकर जिन्हें भयंकर रूप से देख ले , उनके भी ह्रदय के टुकड़े -टुकड़े हो जाएँ …I. संसार में भगवान शंकर के कुपित हो जाने पर देवता , असुर , गन्धर्व, और नाग यदि भागकर गुफा में छिप जाएँ, तो भी सुखसे नहीं रह सकते…..I.


  1. 1968 reblogged this from discoveryofhindustan
  2. discoveryofhindustan posted this
To Tumblr, Love PixelUnion